केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

परामर्श सेवाएँ

विविध औद्योगिक परिवेशों में व्यापक अनुभव का उपयोग करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा प्रदान की जाने वाली व्यावसायिक सुरक्षा एवं अग्नि-संरक्षण परामर्श सेवाएँ।

परिचय

अपनी सुरक्षा व्यवस्था की वैज्ञानिक रूपरेखा हेतु, भारतीय व्यवसाय सीआईएसएफ द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षा परामर्श सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। सीआईएसएफ विविध औद्योगिक परिवेशों में अपने व्यापक अनुभव का उपयोग करते हुए आधुनिक तकनीक द्वारा समर्थित अनुकूलित सुरक्षा समाधान प्रदान करता है।

गुणवत्ता नीति

सीआईएसएफ अपने व्यावसायिक एवं योग्य कर्मियों की टीम के माध्यम से सुरक्षा एवं अग्नि संरक्षण के क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण परामर्श सेवाएँ प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। ध्यान स्थापित प्रबंधन प्रणालियों में सुधार के माध्यम से ग्राहक संतुष्टि बढ़ाने पर केंद्रित है।

गुणवत्ता उद्देश्य

सीआईएसएफ निम्नलिखित के माध्यम से अपनी नीति को प्राप्त करने का प्रयास करता है:

  • खतरे की धारणा एवं बदलती ग्राहक आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाओं का उन्नयन।
  • ग्राहकों की आवश्यकताओं पर न्यूनतम संभव समय में प्रतिक्रिया देना।
  • शाखा के सूचीबद्ध अधिकारियों को निर्धारित प्रशिक्षण प्रदान करना।

सीआईएसएफ द्वारा प्रदत्त परामर्श सेवाएँ

सीआईएसएफ विविध औद्योगिक परिवेशों में अपने अनुभव के आधार पर व्यावसायिक सुरक्षा परामर्श प्रदान करता है।

  • खतरे की धारणा एवं जोखिम विश्लेषण
  • अभिगम नियंत्रण एवं परिधि संरक्षण
  • जनशक्ति आवश्यकताओं का आकलन
  • सुरक्षा प्रणाली अनुप्रयोग
  • सुरक्षा एवं अग्नि लेखा-परीक्षा
  • दस्तावेज़ सुरक्षा एवं सामग्री सुरक्षा प्रक्रियाएँ
  • आंतरिक आसूचना
  • अग्नि संरक्षण उपाय
  • संकट प्रबंधन योजनाएँ
  • कार्यकारी सुरक्षा
  • भीड़ नियंत्रण एवं प्रबंधन प्रक्रियाएँ
  • सुरक्षा एवं अग्नि संरक्षण प्रशिक्षण

परामर्श शुल्क संरचना

सीआईएसएफ द्वारा लिया जाने वाला परामर्श शुल्क गृह मंत्रालय द्वारा अनुमोदित है। नीचे दी गई शुल्क अनुसूची 18 जुलाई 2023 से प्रभावी है।

ग्राहक संगठनों को परामर्श शुल्क अग्रिम रूप से भुगतान करना आवश्यक है।
Category Security Consultancy Alone Fire Consultancy Alone Both Security & Fire Consultancy
बड़ा₹16,25,000₹9,50,000₹21,00,000
मध्यम₹9,00,000₹4,75,000₹12,25,000
छोटा₹4,75,000₹2,75,000₹6,50,000

कार्यप्रणालियाँ

  • खतरे की धारणा एवं जोखिम विश्लेषण क्षेत्र में अपराध के इतिहास तथा वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया जाता है। बाह्य एवं आंतरिक दोनों खतरों पर विचार किया जाता है; आवश्यकता होने पर स्थानीय पुलिस एवं अन्य सरकारी एजेंसियों की सहायता ली जाती है।
  • सुरक्षा एवं अग्नि लेखा-परीक्षा विद्यमान अवसंरचना एवं प्रक्रियाओं के मूल्यांकन के आधार पर की जाती है, ताकि उनकी प्रभावशीलता का सटीक आकलन हो सके एवं कमज़ोर क्षेत्रों की पहचान की जा सके।
  • लेखा-परीक्षा प्रक्रिया में विस्तृत चेकलिस्ट द्वारा निर्देशित मौके पर निरीक्षण एवं अंतःक्रियात्मक विश्लेषण शामिल हैं।
  • उपकरणों की भूमिका, अनुकूलता तथा सुरक्षा या अग्नि संरक्षण अवसंरचना के अन्य पहलुओं के साथ एकीकरण की सीमा के गहन विश्लेषण के पश्चात उनकी अनुशंसा की जाती है।
  • जनशक्ति का अनुमान इष्टतम, सुपरिभाषित तथा सुरक्षा व्यवस्था को पूरक बनाने एवं उसकी प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए तैयार होता है।
  • सुरक्षा योजना में उपक्रम की सुभेद्यताओं पर विचार करने के पश्चात तैयार की गई संकट प्रबंधन योजनाएँ शामिल होती हैं, जिनमें सभी हितधारकों की भूमिकाएँ स्पष्ट रूप से परिभाषित होती हैं।
  • कलपुर्ज़ों एवं कच्चे माल की आंतरिक चोरी रोकने के उपायों पर उचित ध्यान दिया जाता है।
  • विद्यमान प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु सभी आवश्यक उपाय सुझाए जाते हैं, जिनमें भौतिक संरक्षण, दस्तावेज़ सुरक्षा, सूचना रिसाव की रोकथाम तथा सूची संचलन शामिल हैं।
  • सामग्री एवं तैयार उत्पाद के संचलन संबंधी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जाता है।
  • जनशक्ति की तैनाती एवं तैनाती का प्रारूप, कर्तव्यों एवं उत्तरदायित्वों सहित निर्धारित किया जाता है। जहाँ आवश्यक हो, वहाँ गार्ड निगरानी योजना एवं ड्यूटी पॉइंट हेतु संचालन प्रक्रियाएँ सुझाई जाती हैं।
  • सभी विद्यमान उपकरणों का मूल्यांकन किया जाता है, तथा आवश्यक सुधार, अतिरिक्त उपकरण एवं उनके एकीकरण का सुझाव दिया जाता है।
  • सुरक्षा प्रणालियों के मूल्यांकन हेतु एक आंतरिक लेखा-परीक्षा प्रक्रिया विकसित की जाती है, जिसमें विस्तृत चेकलिस्ट एवं विश्लेषणात्मक प्रारूप शामिल होते हैं।
  • जहाँ आवश्यक हो, वहाँ प्रतिष्ठान में कार्यरत समूहों की विद्यमान प्रणालियों एवं गतिविधियों का मूल्यांकन करने के पश्चात एक आंतरिक आसूचना संग्रह प्रणाली सुझाई जाती है।
  • नकदी, कच्चे माल एवं तैयार उत्पाद के संचलन से जुड़े विद्यमान सुरक्षा पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है, तथा प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु उपयुक्त तरीके सुझाए जाते हैं।
  • खतरे की धारणा एवं जोखिम विश्लेषण के आधार पर अतिरिक्त उपायों की अनुशंसा की जाती है।

हमारी ग्राहक रूपरेखा

सरकारी क्षेत्र – 99 सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम – 55 निजी क्षेत्र – 93
सुरक्षा परामर्श – 78 अग्नि परामर्श – 34 सुरक्षा एवं अग्नि परामर्श – 135

परामर्श प्राप्त करने की प्रक्रिया

  • परामर्श सेवाओं हेतु अधियाचना पत्र सीआईएसएफ मुख्यालय को डीआईजी/तकनीकी के नाम भेजा जाता है।
  • अधियाचना प्राप्त होने पर, सीआईएसएफ द्वारा एक परिचयात्मक प्रस्ताव पत्र एवं परामर्श गतिविधियों का विवरण देने वाला ब्रोशर साझा किया जाता है।
  • ग्राहक के सटीक आँकड़े एवं आवश्यकताएँ एकत्र की जाती हैं।
  • जहाँ परामर्श अपेक्षित है, उन स्थलों का प्रारंभिक दौरा किया जाता है।
  • प्रारंभिक दौरे की सिफारिशों एवं निर्धारित मानदंडों के आधार पर परामर्श शुल्क की गणना की जाती है।
  • परामर्श शुल्क प्रस्ताव का एक पत्र ग्राहक को भेजा जाता है।
  • शुल्क प्राप्त होने के पश्चात, पूर्व-चिह्नित विशेषज्ञों के पैनल से एक परामर्श दल नियुक्त किया जाता है।
  • परामर्श दल पारस्परिक रूप से सहमत तिथि पर लेखा-परीक्षा एवं सर्वेक्षण हेतु स्थल का दौरा करता है।
  • परामर्श दल मसौदा सिफारिशें तैयार करता है एवं उन्हें ग्राहक के समक्ष प्रस्तुत करता है।
  • ग्राहक के विचारों को सम्मिलित करने के पश्चात एक मसौदा परामर्श रिपोर्ट तैयार की जाती है।
  • मसौदा रिपोर्ट समीक्षा हेतु सीआईएसएफ मुख्यालय की परामर्श शाखा को प्रस्तुत की जाती है।
  • परामर्श शाखा में रिपोर्ट की गहन जाँच की जाती है एवं आवश्यकता होने पर संशोधन किया जाता है।
  • अंतिम रूप दिए जाने के पश्चात रिपोर्ट महानिदेशक, सीआईएसएफ के अवलोकन एवं अनुमोदन हेतु प्रस्तुत की जाती है।
  • विधिवत अनुमोदित रिपोर्ट सर्वेक्षण प्रतिक्रिया के अनुरोध के साथ ग्राहक को भेजी जाती है।
  • प्रतिक्रिया की समीक्षा।

हमसे संपर्क करें

उप महानिरीक्षक / तकनीकी

ब्लॉक नं. 13, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली – 110003

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