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भर्ती प्रशिक्षण केंद्र

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के भर्ती प्रशिक्षण केंद्र नवनियुक्त कर्मियों को अनुशासित, कुशल एवं प्रेरित कार्मिकों में परिवर्तित करते हैं, जो व्यावसायिकता एवं सत्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की महत्वपूर्ण अवसंरचना एवं संपत्तियों की सुरक्षा के लिए तैयार होते हैं।

  • 6बल के भर्ती प्रशिक्षण केंद्र
  • आधारशिलाड्रिल, शस्त्र प्रशिक्षण, सुरक्षा कर्तव्य एवं शारीरिक दक्षता
  • 5 सीसाहस, प्रतिबद्धता, योग्यता, शिष्टाचार एवं करुणा — प्रथम दिन से ही संचारित

हमारे प्रशिक्षण केंद्र

किसी भी भर्ती प्रशिक्षण केंद्र के कार्यक्रमों, सुविधाओं एवं गतिविधियों के बारे में अधिक जानने हेतु उसका चयन करें।

क्र. सं. प्रशिक्षण केंद्र प्रशिक्षण केंद्रबिंदु
1 निसा — राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी (एक बाहरी वेबसाइट नई विंडो में खुलती है) सीधी भर्ती सहायक कमांडेंट / सी.ए.-एल.डी.सी.ई. एवं सीधी भर्ती उप निरीक्षकों का आधारभूत प्रशिक्षण
2 आर.टी.सी. — भर्ती प्रशिक्षण केंद्र बड़वाहा (एक बाहरी वेबसाइट नई विंडो में खुलती है) एस.टी.एफ. एवं समुद्री कमांडो, क्राव मागा एवं क्यू.आर.टी.
3 आर.टी.सी. — भर्ती प्रशिक्षण केंद्र बहरोड़ (एक बाहरी वेबसाइट नई विंडो में खुलती है) बी.डी.डी.एस., वी.आई.पी. सुरक्षा एवं ड्रोन संचालन
4 आर.टी.सी. — भर्ती प्रशिक्षण केंद्र भिलाई (एक बाहरी वेबसाइट नई विंडो में खुलती है) ड्रोन, साइबर सुरक्षा एवं विमानन सुरक्षा
5 आर.टी.सी. — भर्ती प्रशिक्षण केंद्र देवली (एक बाहरी वेबसाइट नई विंडो में खुलती है) ड्रिल, शस्त्र संचालन, औद्योगिक सुरक्षा प्रबंधन एवं सॉफ्ट स्किल्स
6 आर.टी.सी. — भर्ती प्रशिक्षण केंद्र मुंडाली (एक बाहरी वेबसाइट नई विंडो में खुलती है) फील्ड क्राफ्ट एवं शस्त्र रणनीति
7 आर.टी.सी. — भर्ती प्रशिक्षण केंद्र थक्कोलम (एक बाहरी वेबसाइट नई विंडो में खुलती है) क्यू.आर.टी., एस.टी.एफ., ड्रिल एवं अन्य संगठनों के लिए पाठ्यक्रम

भर्ती प्रशिक्षण का उद्देश्य

भर्ती प्रशिक्षण सीआईएसएफ के कैरियर की आधारशिला रखता है। एक संरचित पाठ्यक्रम के दौरान, नवनियुक्त भर्तियों को आत्मविश्वासी, अनुशासित एवं शारीरिक रूप से सुदृढ़ कार्मिकों के रूप में ढाला जाता है, जो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में अपनी भूमिका को समझते हैं। यह प्रशिक्षण कठोर शारीरिक अनुकूलन को कक्षा-आधारित शिक्षण, शस्त्र संचालन, ड्रिल एवं व्यावहारिक सुरक्षा कर्तव्यों के साथ संयोजित करता है।

“प्रशिक्षण एक भर्ती एवं राष्ट्र की सुरक्षा के प्रहरी के बीच का सेतु है।”

मुख्य प्रशिक्षण घटक

  • ड्रिल एवं अनुशासन: बाहरी बनावट एवं इकाई एकजुटता निर्मित करने हेतु पैदल ड्रिल, औपचारिक ड्रिल एवं परेड।
  • शस्त्र प्रशिक्षण: अधिकृत शस्त्रों का सुरक्षित संचालन, रखरखाव एवं फायरिंग।
  • शारीरिक दक्षता: परिचालनगत मानकों को पूरा करने हेतु सहनशक्ति, बल एवं बाधा-पार प्रशिक्षण।
  • निःशस्त्र युद्ध: व्यक्तिगत सुरक्षा हेतु आत्मरक्षा एवं निकट-युद्ध तकनीकें।
  • औद्योगिक सुरक्षा: प्रवेश नियंत्रण, गश्त, तलाशी प्रक्रियाएँ एवं प्रतिष्ठान सुरक्षा।
  • फील्ड क्राफ्ट एवं रणनीति: मानचित्र पठन, छद्मावरण एवं आधारभूत सामरिक संचलन।
  • विधि एवं आचरण: सीआईएसएफ अधिनियम एवं नियम, मानवाधिकार एवं व्यावसायिक नैतिकता।
  • प्राथमिक चिकित्सा एवं आपदा प्रतिक्रिया: आपातकालीन देखभाल, अग्नि सुरक्षा जागरूकता एवं संकट प्रबंधन।

केंद्रों में उपलब्ध सुविधाएँ

  • फायरिंग रेंज एवं शस्त्र-प्रशिक्षण सिम्युलेटर
  • परेड एवं ड्रिल मैदान
  • बाधा-पार एवं शारीरिक-प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
  • कक्षाएँ एवं श्रव्य-दृश्य शिक्षण कक्ष
  • बैरक, भोजनालय एवं मनोरंजन सुविधाएँ
  • चिकित्सा इकाइयाँ एवं प्राथमिक चिकित्सा केंद्र
अनुशासित, मिशन-तत्पर प्रशिक्षण को सहयोग देने वाली आधुनिक अवसंरचना।

प्रशिक्षण के माध्यम से संचारित मूल्य

प्रत्येक भर्ती प्रशिक्षण केंद्र बल के आचार — अभेद्य सुरक्षा — एवं ध्येय संरक्षण एवं सुरक्षा को आगे बढ़ाता है। भर्तियाँ सीआईएसएफ के 5 सी को आत्मसात करती हैं:

  • साहस: नैतिक एवं शारीरिक साहस के उच्चतम मानक।
  • प्रतिबद्धता: व्यक्तिगत आवश्यकताओं से पहले बल की आवश्यकताओं को रखना।
  • योग्यता: सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा बल बनने हेतु कौशल में निरंतर सुधार।
  • शिष्टाचार: कर्तव्य निर्वहन में दृढ़ रहते हुए शिष्ट बने रहना।
  • करुणा: विशेषकर विपरीत परिस्थितियों एवं संकट में सहानुभूति प्रदर्शित करना।